Introduction: राजस्थान आज भारत के उन अग्रणी राज्यों में शुमार है जहाँ स्वास्थ्य को एक बुनियादी अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। “निरोगी राजस्थान” के संकल्प के साथ राज्य सरकार ने न केवल चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, बल्कि ऐसी योजनाएं लागू की हैं जो पूरे देश के लिए मॉडल बनी हैं। राजस्थान ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ (Right to Health) कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य है।
बीमा योजनाएं
आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना (AB-MASBY)
यह राजस्थान की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बीमा योजना है। पूर्ववर्ती ‘चिरंजीवी योजना’ को अब केंद्र की ‘आयुष्मान भारत’ के साथ एकीकृत कर और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
1.1 योजना का उद्देश्य और पात्रता (Objectives and Eligibility)
- उद्देश्य: राज्य के प्रत्येक परिवार को कैशलेस (बिना पैसे के) इलाज की सुविधा प्रदान करना।
- पात्रता: खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थी, सामाजिक-आर्थिक जनगणना (SECC 2011) के पात्र परिवार, लघु एवं सीमांत किसान और संविदा कर्मी।
- प्रीमियम: जो परिवार इन श्रेणियों में नहीं आते, वे मात्र ₹850 प्रति वर्ष देकर इस योजना से जुड़ सकते हैं।
1.2 लाभ और कवर (Benefits and Coverage)
- बीमा राशि: योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के लिए ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है।
- पैकेज: इसमें 1700 से अधिक बीमारियों के पैकेज शामिल हैं।
- अस्पताल: राज्य के सभी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा।
मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा और जाँच योजना (Mukhya Mantri Nishulk Dawa & Janch Yojana)
यह योजना राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुई है।
2.1 मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना (MNDY)
- प्रारंभ तिथि: 2 अक्टूबर 2011 (महात्मा गांधी जयंती)।
- संचालन: राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (RMSC) द्वारा।
- मुख्य तथ्य: वर्तमान में 1500 से अधिक दवाइयां और सर्जिकल आइटम निशुल्क उपलब्ध हैं।
2.2 मुख्यमंत्री निःशुल्क जाँच योजना (MNJY)
- प्रारंभ तिथि: 7 अप्रैल 2013 (विश्व स्वास्थ्य दिवस)।
- विशेषता: सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को सभी आवश्यक लैबोरेट्री जाँचें (जैसे- Blood test, X-ray, CT Scan) पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जाती हैं।
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राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम (Right to Health Act – RTH)
राजस्थान ने 2023 में इस बिल को पारित कर इतिहास रच दिया।
3.1 अधिनियम की मुख्य विशेषताएं (Key Features of RTH)
- इमरजेंसी केयर: किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पताल को मरीज का इलाज करना होगा, भले ही मरीज के पास पैसे न हों।
- प्रतिपूर्ति (Reimbursement): आपातकालीन इलाज का खर्च यदि मरीज नहीं दे पाता है, तो सरकार उस खर्च का पुनर्भुगतान करेगी।
- शिकायत निवारण: जिला और राज्य स्तर पर स्वास्थ्य प्राधिकरणों का गठन।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाएं (Maternal and Child Health Schemes)
शिशु मृत्यु दर (IMR) और मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम करने के लिए राजस्थान सरकार विशेष प्रयास कर रही है।
4.1 जननी सुरक्षा योजना (JSY)
- उद्देश्य: संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देना।
- सहायता: ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ₹1400 और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को ₹1000 की नकद सहायता।
4.2 जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK)
- लाभ: गर्भवती महिलाओं और बीमार नवजातों (30 दिन तक) को निशुल्क भोजन, दवाइयां, और घर से अस्पताल तक मुफ्त एम्बुलेंस सुविधा।
4.3 मुख्यमंत्री राजश्री योजना (स्वास्थ्य संबंधी पहलू)
- बालिका के जन्म पर ₹2500 और एक वर्ष का टीकाकरण पूर्ण होने पर ₹2500 की सहायता प्रदान की जाती है।
विशेष बीमारियाँ और उपचार सहायता (Special Disease Assistance)
5.1 राजस्थान सिलिकोसिस नीति 2019
- लक्षित समूह: खदानों और पत्थर तराशने वाले श्रमिक।
- सहायता: बीमारी के प्रमाणीकरण पर ₹3 लाख और मृत्यु पर परिवार को ₹2 लाख की सहायता।
5.2 मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना
- उद्देश्य: सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले 1 घंटे) में अस्पताल पहुँचाने वाले ‘भले आदमी’ (Good Samaritan) को ₹10,000 और प्रशस्ति पत्र देना।
स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल पहल (Digital Initiatives in Health)
6.1 ई-संजीवनी (e-Sanjeevani Telemedicine)
- विवरण: घर बैठे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेने की सुविधा। यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।
6.2 शाला दर्पण और स्वास्थ्य कार्ड
- सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड संधारित करना।
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महत्वपूर्ण सांख्यिकीय डेटा
| योजना / संस्थान | महत्वपूर्ण तथ्य / तिथि |
| निरोगी राजस्थान अभियान | 18 दिसंबर 2019 को प्रारंभ |
| एम्बुलेंस सेवा | 108 (आपातकालीन) और 104 (जननी एक्सप्रेस) |
| मेडिकल कॉलेज | राजस्थान के लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का लक्ष्य |
| जन सूचना पोर्टल | स्वास्थ्य योजनाओं की पारदर्शिता के लिए उपयोग |
चुनौतियां और भविष्य की राह (Challenges And Way Forward)
योजनाओं के बावजूद कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं:
- डॉक्टर-मरीज अनुपात: ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी।
- जागरूकता: दूर-दराज के गांवों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाना।
- बुनियादी ढांचा: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को और अधिक आधुनिक बनाना।
निष्कर्ष:
राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाएं समावेशी विकास (Inclusive Growth) का बेहतरीन उदाहरण हैं। ₹25 लाख का कैशलेस बीमा और निशुल्क दवाओं की उपलब्धता ने आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले ‘आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर’ को काफी कम किया है। एक अभ्यर्थी के रूप में, आपको इन योजनाओं की तिथियों, नोडल एजेंसियों और हालिया बजटीय घोषणाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


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