Rajasthan geography

"Epic historical illustration of a Rajput warrior riding a white horse with a massive hill fort and victory tower in the background, representing the glory of Rajasthan history."

Amer-Jaipur History: कछवाहा वंश की उत्पत्ति से लेकर एकीकरण

राजस्थान के इतिहास में ‘मेवाड़’ अगर स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है, तो ‘आमेर’ (जयपुर) कूटनीति (Diplomacy), शक्ति और स्थापत्य कला का बेजोड़ उदाहरण है। आमेर के कछवाहा वंश (Kachhwaha Dynasty) ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे मुगल साम्राज्य की राजनीति को प्रभावित किया। चाहे वह राजा मान सिंह की तलवार हो जिसने काबुल से […]

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Digital illustration of a Rajput warrior on a white horse, featuring the Vijay Stambha tower and a hill fort under a golden sunset.

Rajasthan History In Hindi Guide:

राजस्थान… वीरों की भूमि, जौहर की ज्वाला और स्वाभिमान का प्रतीक। यहाँ का इतिहास केवल राजा-रानियों की कहानियां नहीं, बल्कि संघर्ष और बलिदान की एक ऐसी गाथा है जिसे पढ़कर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं (RAS, REET, Police) की तैयारी कर रहे हैं या इतिहास में

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"Ancient Rajasthan history artifacts featuring vintage map, punch-marked coins, rock inscriptions, and Kalibangan pottery shards."

Ancient Civilizations of Rajasthan: History, Sites & Sources (Full Guide)

Introduction राजस्थान न केवल वीरों की भूमि है, बल्कि यह मानव सभ्यता के विकास का गवाह भी रहा है। पाषाण काल से लेकर मौर्य काल तक, यहाँ कई सभ्यताओं ने जन्म लिया। इस गाइड में हम राजस्थान के ऐतिहासिक स्रोतों (शिलालेख और सिक्के) और कालीबंगा, आहड़, गणेश्वर व बैराठ जैसी प्रमुख सभ्यताओं के बारे में

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Historical illustration depicting the Maratha Invasion and the Krishna Kumari Dispute, showing battle scenes, rival kings, and a sorrowful princess on a balcony.

Modern Mewar And Integration

महाराणा राज सिंह की मृत्यु (1680) के बाद मेवाड़ की तलवार की धार थोड़ी कुंद पड़ गई थी। औरंगज़ेब के कमजोर होने के साथ ही भारत में एक नई शक्ति का उदय हुआ—मराठा (Marathas)। अगले 200 सालों में मेवाड़ ने बहुत उतार-चढ़ाव देखे। कभी मराठों की लूटमार, कभी जयपुर-जोधपुर के साथ ‘कृष्णा कुमारी’ को लेकर

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A split-panel historical illustration titled "Mewar-Mughal Treaty and Maharana Raj Singh's Rebellion." The left side shows a diplomatic treaty signing in a Mughal court, while the right side depicts Maharana Raj Singh on horseback leading an army in revolt.

मेवाड़-मुगल संधि और महाराणा राज सिंह | Mewar-Mughal Treaty and Maharana Raj Singh

महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद मेवाड़ का इतिहास एक नया मोड़ लेता है। जहाँ एक तरफ प्रताप ने कभी सिर नहीं झुकाया, वहीं उनके पुत्र अमर सिंह (Amar Singh I) के समय एक ऐसी ऐतिहासिक घटना हुई जिसने 100 सालों से चले आ रहे युद्ध को रोक दिया। 1615 की मेवाड़-मुगल संधि का सच,

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Oil painting of Maharana Pratap on his rearing white horse, Chetak, against a dramatic sunset over rocky terrain.

महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी का युद्ध |Maharana Pratap And Haldighati War

मेवाड़ के इतिहास में 28 फरवरी 1572 का दिन बहुत महत्वपूर्ण था। महाराणा उदय सिंह की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन मेवाड़ की गद्दी किसे मिलेगी, इस पर संकट था। एक तरफ उदय सिंह के प्रिय पुत्र जगमाल थे, और दूसरी तरफ मेवाड़ की जनता और सामंतों की पसंद—प्रताप। आखिरकार, सामंतों ने जगमाल को गद्दी

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"A modern artistic painting depicting historical scenes of Maharana Sanga, the Battle of Khanwa and the sacrifice of Panna Dhai."

महाराणा सांगा, खानवा का युद्ध और उदय सिंह |Maharana Sanga, Battle of Khanwa and Udai Singh

Introduction मेवाड़ के इतिहास (History of Mewar) में महाराणा कुंभा के बाद अगर कोई ऐसा शासक हुआ जिसने दिल्ली की सल्तनत को अपनी उंगलियों पर नचाया, तो वे थे महाराणा सांगा (Maharana Sanga)। इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड ने उन्हें ‘सिपाही का अंश’ (Soldier’s Wreck) कहा है। कल्पना कीजिये एक ऐसे राजा की जिसकी एक आँख

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"The majestic Vijay Stambh in Chittorgarh Fort, standing as a symbol of the glorious history of the Mewar dynasty."

मेवाड़ राजवंश का – इतिहास बप्पा रावल से कुंभा तक |History of the Mewar Dynasty

Introduction राजस्थान का इतिहास (History of Rajasthan) मेवाड़ के ज़िक्र के बिना अधूरा है। मेवाड़ केवल एक रियासत नहीं, बल्कि स्वाभिमान (Self-respect) और शौर्य का दूसरा नाम है। दुनिया में कई राजवंश आए और गए, लेकिन मेवाड़ का ‘गुहिल वंश’ (Guhila Dynasty) दुनिया का सबसे लंबे समय तक शासन करने वाला राजवंश (Longest Serving Dynasty)

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Illustration of Prithviraj Chauhan riding a royal elephant with soldiers and a large hill fort in the background.

चौहान वंश (Chauhan Dynasty) – उत्पत्ति, शासक और महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQs)

राजस्थान के इतिहास के पन्नों में यदि शौर्य की स्याही सबसे ज्यादा गहरी कहीं है, तो वह चौहान वंश के अध्याय में है। अक्सर हम चौहानों का नाम लेते ही सीधे पृथ्वीराज चौहान पर पहुँच जाते हैं, लेकिन सांभर की नमक वाली झील से निकलकर दिल्ली के सिंहासन तक पहुँचने का यह सफर कई पीढ़ियों

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"Historical illustration of the Gurjar Pratihara Dynasty featuring Nagara-style temples, a fortified city, and a royal army with war elephants and cavalry."

गुर्जर-प्रतिहार वंश का इतिहास | Gurjar Pratihara Dynasty History in Hindi

1. प्रस्तावना “जरा सोचिए! 8वीं सदी में जब अरब की सेनाएं पूरी दुनिया को जीतती हुई भारत के दरवाजे पर खड़ी थीं, तब वह कौन सी दीवार थी जिसने उन्हें 300 साल तक रोके रखा? वह कोई पत्थरों की दीवार नहीं थी, वह थी—गुर्जर-प्रतिहारों की तलवारें। आज हम उसी महान वंश की कहानी जानेंगे, इतिहासकार

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