Modern Mewar And Integration
महाराणा राज सिंह की मृत्यु (1680) के बाद मेवाड़ की तलवार की धार थोड़ी कुंद पड़ गई थी। औरंगज़ेब के कमजोर होने के साथ ही भारत में एक नई शक्ति का उदय हुआ—मराठा (Marathas)। अगले 200 सालों में मेवाड़ ने बहुत उतार-चढ़ाव देखे। कभी मराठों की लूटमार, कभी जयपुर-जोधपुर के साथ ‘कृष्णा कुमारी’ को लेकर […]
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